पट्टी खाटली ग्राम तिमली में जंगली जानवरों का आतंक!
पलायन की मार झेलते उत्तराखंड के गांव, अब जंगली जानवरों के आतंक से त्रस्त – पट्टी खाटली, ग्राम तिमली की पुकार
उत्तराखंड जैसे सुंदर और शांत हिमालयी राज्य की वास्तविक शक्ति उसके गांव हैं। परंतु आज ये गांव अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं – न केवल पलायन के बल्कि जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक के कारण भी
ग्राम तिमली, जो कि गढ़वाल पट्टी खाटली (ज़िला पौड़ी गढ़वाल) में स्थित है, इन दिनों भारी संकट से जूझ रहा है। एक ओर गांवों से पलायन के कारण खेत-खलिहान पहले ही वीरान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जंगली जानवरों – विशेष रूप से सुअर, बंदर, भालू और तेंदुए – का आतंक अब वहां रह रहे शेष ग्रामीणों का जीवन यापन कठिन बना रहा है।
ग्रामीणों की स्थिति भयावह
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ग्रामीणों की स्थिति दयनीय हो गई है क्योंकि उनके आय का एकमात्र साधन उनके खेतों में उगाई गई फसलें रातों-रात जानवरों द्वारा तहस नहस की जा रही हैं।
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महिलाएं और बुजुर्ग दिन ढलते ही उनके भय के कारण घरों में कैद हो जाते हैं।जबकि उनके मवेशियों पर हमले बढ़ गए हैं।
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स्कूल जाने वाले बच्चे तक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
प्रशासन से अपील
ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से शिकायतें कीं, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
यह ब्लॉग @CMOfficeUK, @PushkarDhami, और @ForestDeptUK से निवेदन करता है कि ग्राम तिमली जैसे पट्टी खाटली तथा समस्त उत्तराखंड के गांवों की इस समस्या का समाधान करने हेतु प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश जारी करे।
क्या चाहिए ग्रामीणों को?
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क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त
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जानवर पकड़ने के लिए पिंजरे और ट्रेंकुलाइज़िंग टीम
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क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया सरल और त्वरित की जाए
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फसल और जान-माल के नुकसान के लिए बीमा या राहत सहायता
क्यों जरूरी है तत्काल समाधान?
अगर ऐसे हालात रहे तो बचे-खुचे ग्रामीण भी गांव छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे। उत्तराखंड के गांवों को बचाना है तो प्राकृतिक खतरे से सुरक्षा देना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
विनीत : गढ़वाल पट्टी खाटली सामाजिक विकास मण्डल (दिल्ली)
सच में यह एक बहुत बड़ी गंभीर समस्या है, शासन प्रशासन को इस दिशा में बड़ी गंभीरता के साथ आगे बढ़कर लोगों को भरोसा देने की जरूरत है कि उन्हें जानमाल कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा
जवाब देंहटाएंइस समस्या का समाधान तभी संभव होगा जब शासन प्रशासन मैदानी क्षेत्रों से निकलकर गांव के जंगल खेत खलियान तक पहुंचेंगे,,,
खाटली की इस नेक मुहिम में हम सब आपके साथ हैं,,,सरकार नींद से जागे इसके लिए हम सबको आवाज बुलंद करना ही होगा
धन्यवाद कविता जी, मेरे विचार से इस विषय मे संस्था और सम्पूर्ण खाटली की जनता को एक विज्ञप्ति प्रशाशन को भेजनी चाहिए ताकि प्रशाशन का इस विषय मे कार्यवाही अवश्य करे ।
हटाएंGood
जवाब देंहटाएं"ग्राम तिमली खाटली की दयनीय स्थिति"
जवाब देंहटाएंजब मैंने ग्राम तिमली खाटली की स्थिति का अवलोकन किया, जो सचमुच चिंता का विषय है। यहाँ पानी की समस्या ने विकट भी रूप धारण कर लिया है,जिससे ग्रामीणों को रोज़ाना कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अतिरिक्त, जंगली जानवरों का आतंक जो पहले खेतों तक सीमित था, अब घरों तक पहुँच गया है, जिससे लोगों की दिनचर्या विस्थापित हो गई है। गाँव के भू-भाग की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है, विशेषकर जंगल से सटे इलाके जहाँ खेती की भूमि लगातार बंजर होती जा रही है। कुछ किसानों ने खेती जारी रखी है, मगर उन्हें अपनी फसलें बचाने के लिए जंगली जानवरों के आतंक से लगातार जूझना पड़ रहा है। ये जानवर उनकी मेहनत से उपजाई गई फसलों को नष्ट कर देते हैं, जिससे उनके आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है। सुअरों, पशुओं, पक्षियों, बंदरों, और लंगूरों के उत्पात के कारण किसानों के खेतों ही नहीं, बल्कि उनके घरों को भी गंभीर क्षति पहुँच रही है।
गाँव के हालात को सुधारने के लिए जल प्रबंधन और वन्यजीवों की रोकथाम के उपायों की तत्काल आवश्यकता है।
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#उत्तराखंड
सोहन सिंह रावत
ग्राम तिमली खाटली
उत्तराखंड
ग्राम तिमली खाटली की स्थिति देखकर मन में एक गहरी चिंता और असहायता का भाव उत्पन्न होता है। इस गांव के हालात सचमुच दयनीय हैं। पानी की समस्या यहां विकराल रूप धारण कर चुकी है, और ग्रामीणों को रोज़ाना कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है, जो कि उनके लिए एक बड़ा चुनौतीपूर्ण काम बन चुका है। गाँव में मौजूद सौर ऊर्जा से संचालित पंपिंग योजना, जो पहले पानी उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत हुआ करता था, अब बंद पड़ी हुई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
जवाब देंहटाएंइस गाँव के हालात को सुधारने के लिए और ग्रामीणों की जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए जल प्रबंधन और वन्यजीवों की रोकथाम के उपायों की तत्काल आवश्यकता है। बेहतर जल प्रबंधन यहाँ के लोगों को बहुत राहत दे सकता है और वन्यजीवों के साथ मानव की सहअस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाना बेहद आवश्यक है। जिससे गाँव में फिर से जीवन की एक नई लहर आ सके और लोग अपनी आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर सकें।
सोहन सिंह रावत
ग्राम तिमली खाटली
उत्तराखंड